विदेश मंत्री की ईरान यात्रा
चर्चा में क्यों? भारत के विदेशमंत्री (External Affairs Minister- EAM) नये ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिये ईरान गये हैं। यह हाल के दिनों में तनाव में रहे ईरान के साथ संबंधों को फिर से स्थापित करने का प्रयास करने वाली एक ऐतिहासिक घटना है। तालिबान तथा अफगान सुरक्षा बलों के बीच अफगानिस्तान में गृहयुद्ध के बढ़ने के बीच एक महीने में विदेशमंत्री की यह दूसरी यात्रा हो रही है। प्रमुख बिंदु: भारत के लिये ईरान का महत्त्व: भू-रणनीतिक पहुँच: भारत, ईरान को चाबहार बंदरगाह के माध्यम से भू-आबद्ध अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुँचने की कुंजी के रूप में देखता है। ईरान की भौगोलिक स्थिति विशेष रूप से मध्य एशिया के लिये, जो प्राकृतिक संसाधनों का एक समृद्ध भंडार है, भारत की भू-राजनीतिक पहुँच के लिये सर्वोपरि है। इसी प्रकार अफगानिस्तान में भारत की पहुँच के लिये ईरान महत्त्वपूर्ण है, जिसमें भारत के महत्त्वपूर्ण रणनीतिक और सुरक्षा हित शामिल हैं। इसके अलावा, भारत चाबहार बंदरगाह का विकास पाकिस...